मावां-धीयां सत्कार योजना की तीसरी किस्त आज जारी, 36 लाख को मिलेगा लाभ

चंडीगढ़
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज गोइंदवाल साहिब में 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत महिलाओं को सम्मान राशि की तीसरी किस्त जारी करेंगे। इस किस्त में 36 लाख 87 हजार 677 महिलाओं के खातों में 1,262 करोड़ 54 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।
यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। यह योजना राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। मान सरकार ने अब तक इस योजना के तहत कुल 73 लाख 99 हजार महिलाओं को लाभ पहुंचाया है। इन महिलाओं के खातों में कुल 2,562 करोड़ 33 लाख रुपये की सम्मान राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। यह राशि दो किस्तों में वितरित की गई है।
कार्यक्रम में सरकार की ओर से योजना के तहत महिलाओं और बेटियों से जुड़ी आर्थिक सहायता की किस्त जारी की जाएगी।‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ का उद्देश्य महिलाओं और बेटियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। आज गोइंदवाल साहिब में होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान इसी को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम को लेकर प्रशासन की ओर से तैयारियां की गई हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कार्यक्रम में शामिल होकर योजना को लेकर जानकारी साझा करेंगे और लाभार्थियों से भी संवाद करेंगे। इस के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति माह ₹1,000 और अनुसूचित जाति (SC/ST) की महिलाओं को प्रति माह ₹1,500 की वित्तीय सहायता दी जाती है।
योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3,000 रुपये की सम्मान राशि मिलती है। वहीं, अनुसूचित जाति की महिलाओं को 4,500 रुपये की सम्मान राशि दी जाती है। यह पहल महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना से जोड़ना है।
18 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को लाभ योजना के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की पात्र महिलाओं को लाभ दिया जाता है। एक परिवार में पात्र महिलाओं की संख्या पर कोई सीमा नहीं रखी गई है। राशि सीधे बैंक खातों में DBT के जरिए ट्रांसफर की जाती है। पहली किस्त जुलाई 2026 में तीन महीने की राशि एक साथ जारी की गई थी। सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹3,000 और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹4,500 मिले।
₹9,300 करोड़ का बजट प्रावधान पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए ₹9,300 करोड़ का प्रावधान किया है। सरकार की ओर से करीब 97% महिलाओं को योजना के दायरे में लाने का अनुमान बताया गया है।



