अन्य राज्यछत्तीसगढ़

बस्तर दशहरा: 1700 से ज्यादा देवी-देवताओं की होगी विदाई

जगदलपुर.

75 दिनों तक चलने वाले बस्तर दशहरा में देवी-देवताओं का आगमन जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही विशेष है उनकी विदाई का विधान. इस वर्ष बस्तर संभाग और सीमावर्ती ओडिशा के गांवों से 1700 से अधिक देवी-देवता जगदलपुर पहुंचे हैं. इनके साथ करीब सात हजार सेवादार भी दशहरा की विभिन्न रस्मों में भाग लेने आए हैं.

माता मावली के परघाव के साथ आमंत्रित देवी-देवताओं की उपस्थिति ने दशहरा की परंपराओं को विशेष स्वरूप दिया है. अब 24 अक्टूबर को आयोजित होने वाली कुटुंब जात्रा में इन देवी-देवताओं को अगले वर्ष फिर आने के निमंत्रण के साथ विदाई दी जाएगी. गंगामुंडा स्कूल परिसर में होने वाले इस आयोजन में परंपरागत रूप से भेंट सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है. देवी-देवताओं की श्रेणी और परंपरा के अनुसार विदाई की व्यवस्थाएं की जाती हैं. इन सभी व्यवस्थाओं के पीछे सदियों से चली आ रही सामुदायिक भागीदारी की परंपरा जुड़ी हुई है.

जिला प्रशासन की ओर से आमंत्रित देवी-देवताओं और उनके सेवादारों के ठहरने की व्यवस्था की जाती है. पुराने तहसील कार्यालय स्थित भंडारगृह से पूजन सामग्री और राशन भी वितरित किया जा रहा है. राजा दलपत देव के शासनकाल से चली आ रही इस परंपरा को बस्तर की सांस्कृतिक पहचान माना जाता है. कुटुंब जात्रा के जरिए बस्तर दशहरा में शामिल देवी-देवताओं को सम्मानपूर्वक विदाई देकर अगले वर्ष फिर आमंत्रित किया जाएगा.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button