हरियाणा में बिजली सप्लाई होगी और मजबूत, 26 हजार ट्रांसफॉर्मर खरीदने को मंजूरी

चंडीगढ़
हरियाणा में बिजली सप्लाई बेहतर करने के लिए 26 हजार 161 ट्रांसफामर खरीदे जाएंगे। लाइनमैन व सहायक लाइनमैनों की सुरक्षा के लिए 5000 से 7500 तक टीएंडपी किट की खरीद की जाएगी जिसमें 14 आइटम होंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हरियाणा निवास में हुई हाई पावर्ड परचेज कमेटी (एचपीपीसी) की बैठक में बिजली निगमों के लिए विभिन्न खरीद प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा की मौजूदगी में हाई पावर्ड वर्क्स परचेज कमेटी द्वारा विभिन्न बिजलीघरों में जीआइएस-बे के निर्माण कार्य को भी स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से नेगोसिएशन करते हुए ट्रांसफार्मर्स व सुरक्षा किट की खरीद तथा जीआइएस-बे के निर्माण कार्य के लिए फर्मों के साथ निर्धारित से भी कम दरों पर सहमति कायम की।
81 करोड़ की आएगी लागत
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के लिए थ्री-फेस के 11केवी/433-250वी, 400 केवीए के 100 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर्स, एचवीपीएनएल के लिए 40/50 एमवीए, 132/33 केवी के 28 पावर ट्रांसफामर्स, 25/33.5 एमवीए, 66/11 केवी के 33 पावर ट्रांसफामर्स तथा यूएचबीवीएनएल के लिए 100 केवीए के 26000 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफामर्स की खरीद को हरी झंडी दी गई है। विभिन्न बिजलीघरों में 81 करोड़ रुपये की लागत से जीआइएस-बे का निर्माण कार्य कराया जाएगा।
कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा बिजली व्यवस्था को और मजबूत करने की ओर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार का प्रयास है कि जहां जरूरत हो, वहां पर्याप्त संख्या में ट्रांसफामर्स उपलब्ध करवाए जाएं और एमरजेंसी के लिए भी सभी बिजली निगमों के पास पर्याप्त बैकअप मौजूद हो। उन्होंने कहा कि बिजली निगमों में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा भी सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, ऊर्जा विभाग की आयुक्त एवं सचिव आशीमा बराड़, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लि. के प्रबंध निदेशक तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक डा. आदित्य दहिया तथा ऊर्जा विभाग के विशेष सचिव विक्रम सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।



